धर्म की मूल जड़
सभी धर्मों का मूल जड़ अपने सद ग्रंथ हैं जिनसे हमें यह पता चलता है कि हम कौन से धर्म से जुड़े हुए हैं और हमारा भगवान अल्लाह गॉड तथा ईश्वर कौन है। जब इस पृथ्वी का सृजन हुआ था और मनुष्य प्रथम बार इस पृथ्वी पर आया था तब यहां पर कोई धर्म नहीं था। सिर्फ जीव हमारी जाति है मानव धर्म हमारा हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म नहीं कोई न्यारा ।
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| Real god Kabir |
शास्त्रों का सच्चा ज्ञान
आज के इस कलयुग के दौर में सभी लोग इतने व्यस्त हो चुके हैं । और भगवान को भूल चुके हैं ना तो उनको भगवान याद हैं । वह उन्हें मंदिरों में पत्थरों में ढूंढते फिर रहे हैं जबकि वह इस प्रकार नहीं मिलेगा उसका सही उपाय हमारे शास्त्र हैं जिनमें प्रमाण सहित बताया गया है कि वह परमात्मा कहां रहता है कौन है कैसा है तथा कैसा दिखता है? आजकल के इस दुनिया में धर्म के ठेकेदार हैं जिन्होंने अपने अपने हिसाब से काफी धर्म बना रखे हैं और लोगों को उन में उलझा रखा है तथा अपने शास्त्रों का ना तो उनको ज्ञान है और ना अपने अनुयायियों को आज के वह बताते हैं कि अपने शास्त्रों में क्या लिखा है। जब तक हमें अपने शास्त्रों का ज्ञान नहीं होगा और पूर्ण सतगुरु नहीं मिलेगा तब तक हम अपने शास्त्रों का ज्ञान नहीं कर सकते।
| Real god Kabir |
धर्म का उत्थान
आज के समय में सिर्फ संत रामपाल जी महाराज ऐसे संत जो अपने शास्त्रों का संपूर्ण ज्ञान रखते हैं तथा अपने अनुयायियों को शास्त्रों के अनुसार भक्ति करवाते हैं और करते हैं। और सभी धर्म ग्रंथों की पुस्तकों को खोलकर प्रमाण सहित बताते हैं कि परमात्मा कबीर हैं जो सब लोग में रहते हैं सभी धर्म ग्रंथों से उन्होंने यह प्रमाणित कर दिया है। अपने शास्त्रों के अनुसार सच्चे मंत्र उपदेश देते हैं।
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| Saint Rampalji complete guru |
सतगुरु के लक्षण कहूं मधुरे बैन विनोद
चार वेद छह शास्त्र वह कह 18 बोध ।।
यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र 25, 26 में लिखा है कि जो वेदों के अधूरे वाक्यों अर्थात सांकेतिक शब्दों व एक चौथाई श्लोकों को पूरा करके विस्तार से बताएगा व तीन समय की पूजा करवाएगा। वह जगत का उपकारक संत सच्चा सतगुरु होगा।
इस परमार्थ के कार्य को केवल संत रामपाल जी महाराज ही कर रहे हैं।
अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखें साधना चैनल शाम 7:30 से 8:30 तक।


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