मोबाइल के दुष्प्रभाव
आज छोटे छोटे बच्चों का मोबाइल से खेलना आम बात है । अक्सर माता पिता रोते बच्चों को चुप कराने के लिए या फिर बच्चों का ध्यान हटाने के लिए उनके हाथ में मोबाइल फ़ोन दे देते हैं जिसमें बच्चे अक्सर कार्टून या फिल्म वगैरा देखते रहते हैं । कई बार तो बच्चे घंटों तक मोबाइल पर गेम ही खेलते रहते हैं । माँ घर का काम निपटाने के लिए बच्चों को मोबाइल से देर तक खेलने देती है और कभी कभी तो ऐसा भी देखा गया है कि अपना फेवरिट सीरियल देखते वक़्त छोटा बच्चा डिस्टर्ब न करे , इसलिए भी माँ उन्हें मोबाइल से एंगेज कर लेती है । मोबाइल फ़ोन एक बहुत ही उपयोगी गैजेट है लेकिन दो तीन साल के बच्चों को मोबाइल इस्तेमाल करने देना बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है ।
मोबाइल एक झलक
आज मोबाइल एक ऐसा यन्त्र है जिसके बारे में बताने की कोई जरुरत नहीं है. आदिकाल से ही मनुष्य ने संचार के लिये तरह तरह के उपाय और प्रयोग किये हैं. वह समय कैसा रहा होगा, जब मानव सांकेतिक भाषा में बात करते होंगे. बड़े बड़े राजा अपना सन्देश ढोल- नगाड़े बजाकर, तेज घुड़सवारों द्वारा और कबूतरों द्वारा भेजा करते थे.ग्राहम बेल के आविष्कार टेलीफोन ने दूर बैठे लोगों से बातचीत को संभव बना दिया, लेकिन मोबाइल ने तो मानो दुनिया को एक छोटी सी डब्बी में बंद कर दिया. आज आप मोबाइल प्रायः हर किसी के हाथ में देख सकते हैं. यह सर्वव्यापी हो चुका है.
मोबाइल के उपयोग
मोबाइल हजारों किलोमीटर दूर बैठे व्यक्ति से अपनी भावना, विचार, जरूरतें, समाचारों का आदान प्रदान, आदि करने का सबसे आसान, सबसे तेज और आधुनिकतम साधन है.
2. आप यूँ कह सकते हैं कि आज मोबाइल और उसमें स्थित इन्टरनेट आपके सारे काम घर बैठे करा देता है. टिकट बुक करना हो, Paytm करना है, बिल pay करना है, डॉक्टर के यहाँ नंबर लगाना है, गैस की बुकिंग करनी है, आदि आदि अनेकों कार्य आपका मोबाइल कर देता है. इससे न सिर्फ समय की बचत होती है बल्कि पैसों की भी बचत होती है.
3. मोबाइल द्वारा आप घर बैठे पूरे दुनिया का समाचार जान सकते हैं, दुनिया के किसी भी देश का रेडियो online सुन सकते हैं, कहाँ क्या हो रहा है, उससे सम्बंधित वेबसाइट पर जाकर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.



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