मोबाइल और समाज

मोबाइल के दुष्प्रभाव

 आज छोटे छोटे बच्चों का मोबाइल से खेलना आम बात है । अक्सर माता पिता रोते बच्चों को चुप कराने के लिए या फिर बच्चों का ध्यान हटाने के लिए उनके हाथ में मोबाइल फ़ोन दे देते हैं जिसमें बच्चे अक्सर कार्टून या फिल्म वगैरा देखते रहते हैं । कई बार तो बच्चे घंटों तक मोबाइल पर गेम ही खेलते रहते हैं । माँ घर का काम निपटाने के लिए बच्चों को मोबाइल से देर तक खेलने देती है और कभी कभी तो ऐसा भी देखा गया है कि अपना फेवरिट सीरियल देखते वक़्त छोटा बच्चा डिस्टर्ब न करे , इसलिए भी माँ उन्हें मोबाइल से एंगेज कर लेती है । मोबाइल फ़ोन एक बहुत ही उपयोगी गैजेट है लेकिन दो तीन साल के बच्चों को मोबाइल इस्तेमाल करने देना बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है ।


मोबाइल एक झलक

आज मोबाइल एक ऐसा यन्त्र है जिसके बारे में बताने की कोई जरुरत नहीं है. आदिकाल से ही मनुष्य ने संचार के लिये तरह तरह के उपाय और प्रयोग किये हैं. वह समय कैसा रहा होगा, जब मानव सांकेतिक भाषा में बात करते होंगे. बड़े बड़े राजा अपना सन्देश ढोल- नगाड़े बजाकर, तेज घुड़सवारों द्वारा और कबूतरों द्वारा भेजा करते थे.ग्राहम बेल के आविष्कार टेलीफोन ने दूर बैठे लोगों से बातचीत को संभव बना दिया, लेकिन मोबाइल ने तो मानो दुनिया को एक छोटी सी डब्बी में बंद कर दिया. आज आप मोबाइल प्रायः हर किसी के हाथ में देख सकते हैं. यह सर्वव्यापी हो चुका है.



मोबाइल के उपयोग

मोबाइल हजारों किलोमीटर दूर बैठे व्यक्ति से अपनी भावना, विचार, जरूरतें, समाचारों का आदान प्रदान, आदि करने का सबसे आसान, सबसे तेज और आधुनिकतम साधन है.

2. आप यूँ कह सकते हैं कि आज मोबाइल और उसमें स्थित इन्टरनेट आपके सारे काम घर बैठे करा देता है. टिकट बुक करना हो, Paytm  करना है, बिल pay करना है, डॉक्टर के यहाँ नंबर लगाना है, गैस की बुकिंग करनी है, आदि आदि अनेकों कार्य आपका मोबाइल कर देता है. इससे न सिर्फ समय की बचत होती है बल्कि पैसों की भी बचत होती है.


3. मोबाइल द्वारा आप घर बैठे पूरे दुनिया का समाचार जान सकते हैं, दुनिया के किसी भी देश का रेडियो online सुन सकते हैं, कहाँ क्या हो रहा है, उससे सम्बंधित वेबसाइट पर जाकर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

राजनीति और समाज

राजनीति समाज के लिए खतरा


नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है लव कुश और आज हम बात करेंगे राजनीति के बारे में दोस्तों राजनीति एक तरह का मकड़जाल है जिसमें कोई फंसना तो नहीं चाहता परंतु राजनीति में कुछ ना कुछ बनना जरूर चाहता है ताकि उस की प्रभुता हो सके और उसको सब नमस्कार करें।
राजनीतिक विचार
राजनीति 

राजनीति में भाई भतीजावाद

अगर कोई भी व्यक्ति राजनीति में किसी ऊंची पोस्ट पर हैं तो वह अपने किसी सदस्य को किसी न किसी पद पर खड़ा करना अवश्य चाहेगा। यह देखा जाता है कि जब भी कोई इलेक्शन होता है या फिर किसी ना किसी कार्यालय, पोस्ट, और सरकारी कामकाज में अपना काम निपटाने के लिए अपने किसी सगे संबंधियों को उस पद पर अपने राजनीतिक शक्ति के बल पर यह कार्य बड़ी भ्रष्ट तरीके से करवाया जाता है। आप देख सकते हैं आम आदमी पार्टी में अखिलेश यादव के बेटे भी राजनीति में है मेरा नाम नीतीश यादव है। मैं किसी को गलत नहीं ठहरा रहा। परंतु यह जरूर कहना चाहूंगा कि अपने राजनीतिक बल पर जिस व्यक्ति को वहां पर होना चाहिए वह उन्हें हटाकर अपने किसी सगे संबंधियों को बिठा देते हैं ताकि अपना काम आसान हो जाए।
राजनीतिक व्यंग्य
राजनीति और समाज

राजनीति का दुष्प्रभाव

आज अपना देश लोकतांत्रिक देश है जहां पर हर किसी को अपने अधिकार का और स्वतंत्र रहने की आजादी है। परंतु आज इसके विपरीत हो रहा है अगर कोई व्यक्ति किसी गलत काम के बारे में आवाज उठाता है तो उसे मार दिया जाता है या धमका कर उसे गलत काम के प्रति कार्य करने को कहा जाता है। अगर अदालत में या कहीं भी कोई गरीब आदमी अपना काम करवाने जाए तो वह नहीं करवा सकता क्योंकि किसी भी काम करने के लिए सबसे पहले रिश्वत की जाती है जो एक गरीब आदमी के पास नहीं है। हर गली मोड नुक्कड़ और बड़े बड़े अधिकारियों के पास अपनी फरियाद लेकर जाते हैं परंतु वह रिश्वत रूपी राक्षस को दिखाकर उन गरीब की आवाज को वहीं दबा देते हैं। और किस जुर्म का पर्दाफाश करने के लिए कोई गवाही देता है तो उसे गवाही देने से पहले ही मरवा दिया जाता है आए दिन आप अखबार में पढ सकते हैं।
राजनीतिक विज्ञान
राजनीति का दुष्प्रभाव

आध्यात्मिक ज्ञान से समाज सुधार

आप देख सकते हैं राजनीतिक नेता मंत्री अधिकारी से आज दिन तक संत रामपाल जी महाराज का कोई संपर्क नहीं है और ना ही कभी रहेगा संत रामपाल जी महाराज जी एकमात्र ऐसे संत हैं जो सभी धर्मों के सद ग्रंथों को खोलकर उनका ज्ञान जनता को बताते हैं तथा उसमें छुपे हुए गूढ़ रहस्य को उजागर करके यह बताते हैं कि परमात्मा एक ही हैं जिस ने हम सब को बनाया । उनका एक ही नारा है।
आध्यात्मिक ज्ञान
समाज सुधारक

जीव हमारी जाति है मानव धर्म हमारा ।
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म नहीं कोई न्यारा।।

संत रामपाल जी महाराज अपने तत्वज्ञान में बताते हैं कि अगर आपके पास सत भक्ति नहीं है और आपने पूर्ण सतगुरु से नाम दीक्षा लेकर भक्ति नहीं की तो चाहे आप पूरे संसार के राजा ही क्यों ना हो मृत्यु के पश्चात आपको गधा  बनना पड़ेगा और आपका वह महल पैसा जोड़ा जाड़ा धन सब यहीं रह जाता है। और राजनीति में पढ़कर बहुत से गलत कार्य किए जाते हैं जिनसे आपको इस पृथ्वी पर भी हानि उठानी पड़ती है तथा यहां से जाने के बाद भी जिसका कोई औचित्य नहीं। इसलिए अपने शास्त्रों को अवश्य पढ़ना चाहिए तथा पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेकर सत भक्ति करनी चाहिए जिससे इस पृथ्वी पर भी लाभ मिलेगा और यहां से जाने के बाद भी।

अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए साधना चैनल शाम 7:30 से 8:30 तक

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धर्म का उत्थान कैसे हो रहा है

धर्म की मूल जड़

सभी धर्मों का मूल जड़ अपने सद ग्रंथ हैं जिनसे हमें यह पता चलता है कि हम कौन से धर्म से जुड़े हुए हैं और हमारा भगवान अल्लाह गॉड तथा ईश्वर कौन है। जब इस पृथ्वी का सृजन हुआ था और मनुष्य प्रथम बार इस पृथ्वी पर आया था तब यहां पर कोई धर्म नहीं था। सिर्फ जीव हमारी जाति  है मानव धर्म हमारा हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म नहीं कोई न्यारा ।

Real god Kabir
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शास्त्रों का सच्चा ज्ञान

आज के इस कलयुग के दौर में सभी लोग इतने व्यस्त हो चुके हैं । और भगवान को भूल चुके हैं ना तो उनको भगवान याद हैं । वह उन्हें मंदिरों में पत्थरों में ढूंढते फिर रहे हैं जबकि वह इस प्रकार नहीं मिलेगा उसका सही उपाय हमारे शास्त्र हैं जिनमें प्रमाण सहित बताया गया है कि वह परमात्मा कहां रहता है कौन है कैसा है तथा कैसा दिखता है? आजकल के इस दुनिया में धर्म के ठेकेदार हैं जिन्होंने अपने अपने हिसाब से काफी धर्म बना रखे हैं और लोगों को उन में उलझा रखा है तथा अपने शास्त्रों का ना तो उनको ज्ञान है और ना अपने अनुयायियों को आज के वह बताते हैं कि अपने शास्त्रों में क्या लिखा है। जब तक हमें अपने शास्त्रों का ज्ञान नहीं होगा और पूर्ण सतगुरु नहीं मिलेगा तब तक हम अपने शास्त्रों का ज्ञान नहीं कर सकते।

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धर्म का उत्थान

आज के समय में सिर्फ संत रामपाल जी महाराज ऐसे संत जो अपने शास्त्रों का संपूर्ण ज्ञान रखते हैं तथा अपने अनुयायियों को शास्त्रों के अनुसार भक्ति करवाते हैं और करते हैं। और सभी धर्म ग्रंथों की पुस्तकों को खोलकर प्रमाण सहित बताते हैं कि परमात्मा कबीर हैं जो सब लोग में रहते हैं सभी धर्म ग्रंथों से उन्होंने यह प्रमाणित कर दिया है। अपने शास्त्रों के अनुसार सच्चे मंत्र उपदेश देते हैं।
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Saint Rampalji complete guru


सतगुरु के लक्षण कहूं मधुरे बैन विनोद 
चार वेद छह शास्त्र वह कह 18 बोध ।।

यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र 25, 26 में लिखा है कि जो वेदों के अधूरे वाक्यों अर्थात सांकेतिक शब्दों व एक चौथाई श्लोकों को पूरा करके विस्तार से बताएगा व तीन समय की पूजा करवाएगा। वह जगत का उपकारक संत सच्चा सतगुरु होगा।
इस परमार्थ के कार्य को केवल संत रामपाल जी महाराज ही कर रहे हैं।

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कबीर जी भगत या परमात्मा

कबीर जी भगत या परमात्मा


नमस्कार दोस्तों मेरा नाम में लवकुश मैं आपका स्वागत करता हूं स्पिरिचुअल नॉलेज में आज हम जानेंगे कि कबीर जी परमात्मा है या भगत जो 600 साल पहले इस पृथ्वी पर आए थे तथा एक कवि की भूमिका निभाई थी उन्होंने काशी में आइए जानते हैं।

कबीर साहेब का कलयुग में प्राकाट्य



विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा सुबह-सुबह ब्रह्ममुहुर्त में
वह पूर्ण परमेश्वर कबीर (कविर्देव) जी स्वयं अपने मूल स्थान सतलोक से आए। काशी
में लहर तारा तालाब के अंदर कमल के फूल पर एक बालक का रूप धारण किया।
पहले मैं आपको नीरू-नीमा के बारे में बताना चाहूँगा कि ये कौन थे? द्वापर युग में
नीरू-नीमा सुपच सुदर्शन के माता पिता थे। इन्होंने कबीर साहेब की बात को उस
समय स्वीकार नहीं किया था। अंत में सुदर्शन ने करूणामय रूप में आए कबीर साहेब
से प्रार्थना की थी कि प्रभु आपने मुझे उपदेश दे दिया तो सब कुछ दे दिया। आपसे
आज तक कुछ माँगने की कोई आवश्यकता ही नहीं पड़ी। क्योंकि आपने सर्व
मनोकामना पूर्ण कर दी तथा जो वास्तविक भक्ति धन है उससे भी परिपूर्ण कर दिया।
एक प्रार्थना है दास की यदि उचित समझो तो स्वीकार कर लेना। मेरे माता पिता यदि
किसी जन्म में कभी मनुष्य शरीर प्राप्त करें तो इनको संभालना प्रभु। ये बहुत
पुण्यात्मा हैं, लेकिन आज इनकी बुद्धि विपरीत हो गई है। ये परमात्मा की वाणी को
मान नहीं रहे। कबीर साहेब ने कहा चिंता न कर, अब तू अपने माता पिता के चक्कर
में यहाँ उलझ जायेगा। आने दे समय इनको भी संभालूंगा। काल जाल से पार करूँगा।
तू निश्चिंत होकर सतलोक जा। सुदर्शन जी सतलोक चले गये।


कबीर जी परमात्मा है प्रमाण


"शिशु कबीर देव द्वारा कुँवारी गाय का दूध पीना’’
जब बालक कबीर को दूध पिलाने की कोशिश में नीरू नीमा असफल रहे। तब कबीर साहेब ने कहा कुँवारी गाय ले आओ मैं उसका दूध पीऊँगा। ऐसा ही हुआ।
ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा अमर पुरुष जब लीला करता हुआ बालक रूप धारण करके स्वयं प्रकट होता है तब कुँवारी गाय अपने आप दूध देती है जिससे उस पूर्ण प्रभु की परवरिश होती है।



काशी के पंडितों का मानना था कि जो मगहर मैं मरता है वह गधा बनता है इस भ्रम के निवारण के लिए कबीर जी ने कहा कि मैं मगहर मारूंगा उस समय उनकी आयु 120 वर्ष थी वह काशी से मगहर तक चले गए और वहां पर दोनों राजा हिंदू और मुसलमान जो उनके शिष्य थे वीर सिंह बघेल दोनों ही वहां पर अपनी अपनी सेना के साथ इकट्ठे हो गए। तथा कहने लगे कि गुरुदेव का अंतिम संस्कार हम अपने रिती रिवाज से करेंगे। कबीर जी ने कहा की यहां नीचे एक चद्दर बिछाओ उस पर कुछ फूल डालो और मुझे ऊपर से एक चद्दर उढा दो और फिर कुछ देर बाद आकाश से आवाज आई फिर तुम क्या ढूंढ रहे हो मैं तो जा रहा हूं सतलोक यह सुनते ही दोनों राजा दौड़कर अंदर गए जब उन्होंने चद्दर हटाई तो उनके शरीर की जगह फूल ही फूल थे और आधे फूल हिंदू ने आधे मुसलमानों ने लिए तथा एक्ने मजार बनाई और एक ने मंदिर आज भी वह मगर में स्थापित हैं इससे सिद्ध होता है कि कबीर जी पूर्ण परमात्मा है जिन का बखान वेद भी करते हैं तथा सभी धर्मों के सद ग्रंथ गवाही देते हैं।

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Krishna Janmashtami

कृष्ण जन्माष्टमी कृष्ण जी के जन्म होने के उपलक्ष में यह पर्व मनाया जाता है। कृष्ण जी के जन्म के दिन लोग बड़े धूमधाम से उनके जन्मदिन को मनाते हैं और खुशियां मनाते हैं। परंतु दोस्तों आज हम इस अवसर पर आपको कुछ ऐसा बताएंगे जिससे आप दंग रह जाएंगे। आइए जानते हैं हमारे वेदों पुराणों और गीता में कहीं भी नहीं लिखा कि परमात्मा जन्म लेता है अपितु उसमें परमात्मा को जन्म लेने वाला बताया है परमात्मा किसी मां के गर्भ से जन्म नहीं लेता वह स्वयं प्रकट होता है किसी कमल के फूल के ऊपर और कोई दंपत्ति उन्हें वहां से उठाकर ले जाते हैं तथा कुंवारी गायों से उनकी परवरिश होती है इसी रोचक तथ्य पर हम बात करते हैं।
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मीराबाई की भक्ति की सच्चाई

श्री कृष्ण जी की भक्ति मीराबाई जी ने की थी उनसे प्रत्यक्ष बात करती थी। तथा उनके लिए कुछ भी करने के लिए तैयार थी यहां तक कि उन्होंने अपनी जान के भी प्रवाह ना की परंतु सच्चाई हम आपको बताते हैं उनके जीवन में उनकी भेंट संत रविदास जी से हुई जिन्होंने उन्हें बताया कि श्री कृष्ण जी से ऊपर कोई और सकती है जिन्हें परमात्मा कहते हैं और उनका नाम कबीर है वह दंग रह गई संत रविदास जी ने कहा आप स्वयं श्री कृष्ण जी से पूछ सकते हैं मीरा बाई जी ने ऐसा ही किया।और एक रात सिर्फ कृष्ण जी से बात की तथा कहा कि क्या आप मेरी जन्म और मृत्यु से बात कर सकते हो तो श्री कृष्ण जी ने मना कर दिया कहा यह हम नहीं कर सकते।और फिर मेरा भाई को यकीन हो गया और उन्होंने संत रविदास जी से नाम दीक्षा लेकर परमात्मा की भक्ति की तथा अपना मोक्ष  करवाया।
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पांडवों के यज्ञ को सफल बनाना

एक समय पांडवों ने यज्ञ किया जिसमें सभी ऋषि-मुनियों को आमंत्रित किया यहां तक कि श्री कृष्ण जी भी उस यज्ञ में शामिल थे। पांडव उन्हें अपना गुरु मानते थे। और उनके आदेश अनुसार वह कार्य करते थे। सभी को भोजन कराया गया परंतु वह संख नहीं बजा। उन सब के बाद एक सुपच सुदर्शन नाम के महात्मा थे जिन्होंने परमात्मा कबीर देव जी से नाम ले रखा था। उनको उस यज्ञ में बुलाया गया ऐसा भोजन कराया।जैसे ही उन्होंने भोजन का पहला निवाला मुंह में रखा शंख बजने लगा । परंतु वही संख श्री कृष्ण जी के भोजन करने पर नहीं बजा। इससे सिद्ध हैं कि श्री कृष्ण जी परमात्मा नहीं है। यह तीनों गुणों में से एक हैं यह सत्वगुण प्रधान है और इनकी भी जन्म और मृत्यु होती हैं यह परमात्मा नहीं है।

निष्कर्ष और समाधान

प्रिय पाठकों आपको हम यह बता दें कि परमात्मा साकार है और उसका नाम कबीर है जिसका वर्णन ऋग्वेद मंडल नंबर 9 सितंबर 82 और मंत्र नंबर एक में है। वह परमात्मा अविनाशी है जो सतलोक में रहता है। वह परमात्मा कुछ भी कर सकता है और सर्वगुण संपन्न नहीं तथा सर्वशक्तिमान है। कृष्ण जी ने ताम्रध्वज को जिंदा किया था जिसको आने से चिरवा दिया गया था। परंतु अपने ही भांजे प्रद्युमन को जिंदा नहीं कर सके। इससे स्पष्ट है कि यह सिर्फ उतना ही दे सकते हैं जितना तुम्हारे भाग्य में है या जो तुमने कर्म किया है। जबकि कबीर परमात्मा आपको सब कुछ दे सकते हैं यहां तक कि आपकी आयु भी बढ़ा सकते हैं और मौत को भी मात दे सकते हैं।

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God In Bible

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 नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है लव कुश आज कल बात करेंगे परमात्मा के बारे में हमारे सभी शास्त्रों ने साकार है। उसका नाम कबीर है उसी का कुछ प्रमाण हम आज आपको बाइबिल में देंगे। ईसाई धर्म में सभी जीजश को गॉड मानते हैं। जबकि जीसस गॉड नहीं है उस गॉड के फरिश्ते हैं। और कुछ यह भी कहते हैं कि गॉड निराकार है मतलब फार्मलेस आइए जानते हैं कौन कैसा है।
Kabir is god
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1.बाइबिल में सृष्टि रचना
बाइबिल में प्रमाण है कि उस गॉड में इस पूरी पृथ्वी को बनाया और 6 दिन में इस पृथ्वी को बनाकर इसके अंदर जितने भी जीव जंतु हैं तथा मनुष्य हैं उन सबको बनाकर उन्होंने सातवें दें आराम किया तथा अपने सिंहासन पर जा बैठे। और मनुष्य को अपने ही जैसा बनाया है इससे स्पष्ट है कि वह गॉड भी हमारे जैसा ही है।

Kabir is god
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2.हजरत ईसा जी की मृत्यु
हजरत ईसा मसीह की मृत्यु 30 वर्ष की आयु में हुई जो पूर्व ही निर्धारित थी। स्वयं ईसा जी ने कहा कि मेरी मृत्यु निकट है तथा तुम शिष्यों में से ही एक मुझे विरोधियों को पकड़वाएगा और वो मुझे मार देंगे। इससे सिद्ध है हज़रत ईसा जी ने कोई चमत्कार नहीं किया ये सब पहले से ही निर्धारित था। 
Kabir is god
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3.परमात्मा ने नास्तिक होने से बचाया
पूर्ण परमात्मा ही भक्ति की आस्था बनाए रखने के लिए स्वयं प्रकट होता है। पूर्ण परमात्मा ने ही ईसा जी की मृत्यु के पश्चात् ईसा जी का रूप धारण करके प्रकट होकर ईसाईयों के विश्वास को प्रभु भक्ति पर दृढ़ रखा।
🌛यदि पूर्ण परमात्मा ईसा जी का रूप धारण करके प्रकट नहीं होते तब ईसा जी के पूर्व चमत्कारों को देखते हुए ईसा जी का अंत देखकर कोई भी व्यक्ति भक्ति साधना नहीं करता, नास्तिक हो जाते।
(प्रमाण पवित्र बाईबल में यूहन्ना 16: 4-15) ब्रह्म(काल) यही चाहता है।

Kabir is god / Kabir is supreme God
Kabir is god

पवित्र बाईबल (उत्पत्ति ग्रन्थ 1:29)
प्रभु ने मनुष्यों के खाने के लिए जितने बीज वाले छोटे पेड़ तथा जितने पेड़ों में बीज वाले फल होते हैं वे भोजन के लिए प्रदान किए हैं, माँस खाना नहीं कहा है।
उत्पत्ति ग्रन्थ 1:28
परमेश्‍वर ने उन्‍हें यह आशिष दी, ‘फलो-फूलो और पृथ्‍वी को भर दो, और उसे अपने अधिकार में कर लो। समुद्र के जलचरों, आकाश के पक्षियों और भूमि के समस्‍त गतिमान जीव-जन्‍तुओं पर तुम्‍हारा अधिकार हो।’
परमात्मा ने मांस खाने का आदेश नहीं दिया।
Kabir is god
Kabir is supreme God

अय्यूब 36:5 (और्थोडौक्स यहूदी बाइबल - OJB)
परमेश्वर कबीर (शक्तिशाली) है, किन्तु वह लोगों से घृणा नहीं करता है।
परमेश्वर कबीर (सामर्थी) है और विवेकपूर्ण है। जिसने हम सबको बनाया।

Kabir is supreme God
KABIR is god

और भी बहुत से प्रमाण हैं जिन से सिद्ध होता है परमात्मा कबीर ही है बाइबल के अलावा सभी धर्म ग्रंथों में कबीर जी का ही प्रमाण है संत रामपाल जी महाराज सभी धर्मों के धर्म ग्रंथों को खोलकर प्रमाण बताते हैं और उस स्थान के बारे में भी बताते हैं जहां वह गॉड अल्लाह और परमात्मा रब रहता है। जहां पर जाने के बाद लौटकर इन संसार में कोई भी वापस नहीं होता मालिक के साथ सभी सुख पूर्वक रहते हैं।

अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए साधना चैनल शाम 7:30 से 8:30 बजे तक।

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DivinePlay_Of_GodKabir

DivinePlay_Of_GodKabir
 

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम में लव कुश आज हम बात करेंगे परमात्मा की लीलाओं के बारे में परमात्मा का नाम कबीर है और वह परमात्मा आज से 600 साल पहले लहरतारा तालाब में कमल के फूल के ऊपर प्रकट हुए थे इसलिए उनका प्रकट दिवस मनाया जाता है जयंती नहीं। 120 वर्ष इस पृथ्वी पर रह कर गए और उन्होंने समाज से बहुत सी बुराइयां खत्म की तथा हिंदू मुस्लिम का झगड़ा भी समाप्त कर दिया और मानवता को सच्ची भक्ति दी तब मोक्ष मार्ग बताया जिनमें से कुछ लेना है आपके सामने है
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 गरीब अनंत कोटि ब्रह्मांड में बंदी छोड़ कहाए
सो तो एक कबीर हैं जो जननी जने न माए ।

1. कबीर साहेब द्वारा सर्वानंद को शरण में लेना

मोबाइल और समाज

मोबाइल के दुष्प्रभाव  आज छोटे छोटे बच्चों का मोबाइल से खेलना आम बात है । अक्सर माता पिता रोते बच्चों को चुप कराने के लिए या फिर बच्चों का ध्...